जालंधर छावनी में हरदयाल रोड पर तालाबंदी के दौरान अवैध निर्माण केंट बोर्ड पर लगाया जा रहा राजस्व चूना केंट बोर्ड ने इमारत को गिराने का प्रस्ताव पारित किया ।

पंजाब

Chief: Rajinder Kumar.

10 जून जालंधर छावनी (पत्रकार: शुभम रजक), कैंट इलाके की कई ऐसी बिल्डिंग थी जिसकी शिकायत कैंट बोर्ड प्रधान के पास पहुंची उन्होंने आर्मी अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर इमारतों का सर्वे किया सर्वे में पाया गया कि वह बिल्डिंग ए कुछ हद तक निजात बनाई जा रही हैं जिसका पूर्व बोर्ड प्रधान ने कड़ा संज्ञान लेते हुए नजाई बिल्डिंगों को तोड़ने के लिए कैंट बोर्ड की मीटिंग में प्रस्ताव पारित कर दिया, यह मामला कई साल तक विवादों के घेरे में रहा और इन बिल्डिंग पर करवाई करने के लिए बोर्ड ने इस मामले को प्रिंसिपल डायरेक्टर चंडीगढ़ भेज दिया एक जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ में गई फाइल का जवाब अभी तक कैंट बोर्ड दफ्तर में नहीं आया उधर जानकारी मिली है की इन्हीं बिल्डिंग में से एक बिल्डिंग जो हरदयाल रोड जालंधर कैंट मैं स्थित है उस पर भी कार्रवाई करने के आदेश थे परंतु उस बिल्डिंग पर अभी तक कार्रवाई तो नहीं हुई मगर बिल्डिंग मालिक ने रातो रात उस बिल्डिंग का फिर से अवैध निर्माण कर दिया केंट बोर्ड ने काम रोकने के बावजूद भी बिल्डिंग पर लेंटर डाल दिया और उसने खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई ऐसा नहीं है कि कैंट बोर्ड के कर्मचारियों को इसका पता नहीं है जानकारी मिली है कि कैट बोर्ड ने उसे एक नोटिस निकाला है जहां कर योग है कि केंट एक्ट 2006 मैं साफ लिखा है कि जिस बिल्डिंग पर अगर अवैध निर्माण हो रहा है अगर कैंट बोर्ड उस पर रोक लगा देता है उसके बाद उसी बिल्डिंग पर फिर से अवैध निर्माण किया जाता है तो कानूनी जुर्म है ऐसे व्यक्ति पर बोर्ड चाहे एफ आई आर भी दर्ज करवा सकता है

 334 total views,  2 views today

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *