Punjab news point : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों का ‘कुछ’ ख्याल रखा है. एक ओर जहां वित्त मंत्री ने बजट में टैक्स स्लैब में बदलाव कर आयकरदाताओं को राहत दी है, वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन और पारिवारिक पेंशन में कर कटौती का तोहफा भी दिया है. इन तीनों बदलावों से आयकरदाताओं का अच्छा-खासा पैसा बचेगा. वित्त मंत्री का तो दावा है कि इन बदलावों से आयकरदाताओं की कर देनदारी 17,500 रुपये तक कम हो जाएगी.
संशोधित कर स्लैब से 7 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा, जिन्हें पहले 10 फीसदी दर से कर देना होता था जो अब 5 फीसदी हो जाएगा. सालाना 10 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को भी नए स्लैब से अच्छा लाभ होगा. पहले न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख तक की सैलरी पर 0 टैक्स था, जो अभी भी है. वहीं, 3-6 लाख रुपए तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगता था, अब 3-7 लाख रुपए तक की कमाई पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा. इसी तरह पहले 6-9 लाख की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स लगता था अब 7-10 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.
7 लाख तक की इनकम कैसे होगी टैक्स फ्री?
अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 7 लाख रुपये सालाना है, तो अब उसे एक पैसा भी टैक्स नहीं देना होगा. सात लाख रुपये तक की सालाना आया है तो उसकी टैक्स देनदारी 20 हजार रुपये से कुछ ज्यादा बनेगी. नई टैक्स प्रणाली में सरकार इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87ए के तहत ये 20 हजार रुपये माफ कर देती है. वहीं नौकरीपेशा व्यक्ति को 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ भी मिलेगा. यानी उसको 7.75 लाख रुपये की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा..

