कनाडा की संसद में बांग्लादेशी हिंदुओं का उठा मुद्दा

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Punjab news point : भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्रा आर्य ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर आवाज बुलंद की है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर वे काफी चिंतित हैं. कनाडाई सांसद ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों, ईसाइयों सहित अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर हिंसा की जा रही है. उन्होंने कहा कि जब भी बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा होती है, इसका खामियाजा खासकर हिंदू अल्पसंख्यकों को भुगतना पड़ता है. साल 1971 में बांग्लादेश की आजादी के बाद से इस देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की संख्या तेजी से कम हुई है.

सांसद चंद्रा आर्य ने बताया कि बांग्लादेश में रह रहे कनाडाई हिंदू परिवार के लोग अपने परिवार और संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं. ये लोग अगले सप्ताह 23 अगस्त को संसद के सामने एक रैली निकालने जा रहे हैं, जिसमें बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा स्थिति को उजागर किया जाएगा. इस रैली में बांग्लादेश में रह रहे कनाडाई बौद्ध और ईसाई परिवारों के सदस्य भी शामिल होंगे.

सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं को बनाया गया शिकार
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा जारी है. इस दौरान बांग्लादेश के 27 जिलों में हिंदू परिवारों के ऊपर हमले हुए. हिंदुओं के घरों में लूट की गई और आगजनी की गई. इसके अलावा हिंदू मंदिरों को भी निशाना बनाया गया और उसमें भी लूटपाट की गई. हिंदू मंदिरों में अक्सर तोड़फोड़ की खबरे आती हैं. बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद उनकी पार्टी से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाया है. इस दौरान आवामी लीग से जुड़े नेताओं के घरों में आग लगा दी गई. बांग्लादेश के इस्लामी जमात ने भी यह स्वीकार किया था कि शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है.

 

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