सिंगापुर के भारतीय मूल के विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह को अदालत ने संसदीय समिति के सामने शपथ लेकर झूठ बोलने के दो मामलों में दोषी पाया. उन पर इसके लिए 14,000 सिंगापुर डॉलर यानि करीब 09 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया गया. सिंगापुर में कानून बहुत कड़े हैं. लेकिन भारत की संसद में अगर कोई सांसद झूठ बोलता है तो उसका क्या होगा. क्या उसके खिलाफ कोई कार्रवाई ऐसी होगी कि ना केवल वो बल्कि दूसरे सांसद भी इसे याद रखें और नसीहत के तौर पर भी लें.हालांकि सिंगापुर के भारतीय मूल के सांसद जेल से भी बच गए और ज्यादा कड़े जुर्माने से भी. सिंगापुर का संविधान कहता है यदि किसी मौजूदा सांसद ने संसद में झूठ बोला तो यदि उसे कम से कम एक साल की जेल हो जाती है या कम से कम 10,000 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है, तो वह अपनी सीट खो देगा. चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य भी हो जाएगा. लिहाजा सिंगापुरी सांसद इस कठोर सजा से तो बच गए.सिंगापुर के चुनाव विभाग ने पुष्टि की कि सिंह पर लगाई गई सजा उन्हें सांसद के रूप में अयोग्य ठहराने की सीमा तक नहीं पहुंचती. अब वह अगला चुनाव लड़ सकते हैं.

