Cheif: Rajinder Kumar.
6 जून जालंधर (पत्रकार शुभम रजक) साधुओं को छोड़कर यात्रा पर जाने वाले अन्य श्रद्धालु की उम्र 55 वर्ष से कम होनी चाहिए। यात्रा करने वाले सभी लोगों के पास COVID-19 टेस्ट प्रमाणपत्र होना भी अनिवार्य होगा। ये जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के सूत्रों के हवाले से आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
बोर्ड का पूरा प्रयास है कि 21 जुलाई से पहले-पहले बालटाल मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए तैयार कर दिया जाए परंतु यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो भी जिला गांदरबल में बालटाल बेस कैंप से हेलीकॉप्टर का उपयोग करके श्रद्धालुओं को यात्रा करवाने की व्यवस्था की जाएगी।पवित्र गुफा तक के मार्ग से बर्फ हटाकर का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि यात्रियों के पास COVID-19 टेस्ट प्रमाणपत्र होना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर चैक किए जाएंगे परंतु यात्रा शुरू करने की अनुमति देने से पहले वायरस के लिए क्रॉस-चेक भी किया जाएगा। इसके अलावा साधुओं को छोड़कर सभी तीर्थयात्रियों को यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
भोले के भक्तों का इंतजार खत्म हो गया है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा शुरू करने का निर्णय ले लिया है। इस बार वार्षिक अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से आरंभ होकर 3 अगस्त रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। यानी यात्रा की अविध केवल 14 दिन रहेगी। यही नहीं बोर्ड ने यात्रा पर जाने वाले श्रद्धाुलओं की आयु सीमा भी निर्धारित कर दी है।
जिला उपायुक्त गांदरबल शफकत अहमद ने कहा कि हमें उपराज्यपाल प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की तरफ से यात्रा मार्ग को बहाल करने के लिए निर्देश मिला है। इसके बाद बालटाल से गुफा तक के मार्ग से बर्फ हटाने व उसे आवाजाही योग्य बनाने का काम शुरू किया गया है।


