Punjab news point : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के द्वारा अयोध्या में श्री राम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में किशनपुरा में भाजपा युवा मोर्चा पंजाब प्रदेश के मीडिया सचिव प्रशांत गंभीर के निवास स्थान पर एक भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री सौम्या भारती जी ने प्रभु श्री राम जी की महिमा का गुणगान किया एवं बहुत ही सुंदर भजनों का गायन अन्य साध्वियों के द्वारा किया गया।

साध्वी जी ने बताया कि सहस्त्राब्दियों पूर्व त्रेता युग में इस धरा धाम पर पूर्ण अवतार श्री राम का प्राकट्य हुआ। सत्य सनातन आदर्श,चारित्रिक गुणों, व्यवहारिक मर्यादा की परिपूर्ण परिभाषा श्री राम से प्राप्त होती है। श्री राम विशुद्ध आचार विचार व्यवहार के समूर्त रूप है।रीति नीति तथा प्रीति के अद्वितीय संगम है। आदर्श पुत्र,आदर्श भ्राता,आदर्श पति,आदर्श मित्र,आदर्श शत्रु,आदर्श राजा इन समस्त चरित्रों की गुण धाराएं श्री राम सिंधु में समाहित है।इनका क्रोध में भरकर प्रत्यंचा चढ़ाना तक एक उत्तम आदर्श है। श्री राम का संपूर्ण जीवन,उसका प्रत्येक पक्ष हमारे लिए अनुकरणीय एवं प्रेरक है। उनके हर जीवन आदर्श को हम अपने चरित्र में आरोपित कर अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकते हैं। परंतु आज के कई शिक्षित मस्तिष्कों में इस धर्मावतार के विरुद्ध न्यायाधीश का भाव जाग उठता है। ऐसे न्यायाधीश बुद्धि वाली लोग श्री राम के जीवन चरित्र को जानकर यही कहते है कि वह पुरुषों में पुरुषोत्तम तो जरूर है पर परमेश्वर नहीं है। अगर वे भगवान होते तो वे एक स्वर्ण मृग के पीछे नही दौड़ते। अपनी पत्नी के हरण पर इतना विलाप नहीं करते।ऐसा करना तो एक साधारण मोहासक्त व्यक्ति के लिए भी शोभनीय नहीं है।इसी तरह उन्होंने दशरथ मृत्यु,लक्ष्मण मूर्छा के समय पर भी किया। ऐसा आचरण ईश्वरत्व को प्रमाणित नहीं करता। यह भावना प्रधान मानव स्तरीय है। ऐसे लोगों को संबोधित करते हुए साध्वी जी ने बताया कि श्री राम के रूप में नरदेह मे साक्षात् नारायण का अवतरण हुआ था। यदि उनके लीलामयी चरित्र में नरत्व दिखाई देता है, तो उसका एकमात्र कारण यही है कि वे मानवीय अक्षमताओं एवं मानसिकता को स्वीकार कर नरोत्तम का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते थे। ताकि मानव समाज उनसे एक मधुर सामंजस्य का अनुभव कर सके। उन्होंने अपनी दिव्यता का स्तर इतना ऊंचा नहीं रखा की एक मानव उसे छू ही ना सके।अन्यथा जन-जन के राम मात्र पूजनीय रहते,अनुकरणीय नहीं। श्री राम सनातन सत्य है। इस सत्य व इससे जुड़ी जीवन गाथा की थाह लेने के लिए पूर्ण सतगुरु से दिव्य दृष्टि प्राप्त कर अंतरघट्ट मे श्री राम के दर्शन की आवश्यकता है। यह दिव्य अंतर्दृष्टि श्री राम के अस्तित्व का सबसे अकाट्य प्रमाण है।
अंत में प्रभु का गुणगान किया गया, इस मौके पर भाजपा युवा मोर्चा पंजाब प्रदेश के मीडिया सचिव प्रशांत गंभीर द्वारा आए हुए सभी भक्तों का स्वागत किया गया.. इस मौके पर मुख्य तौर पर पंजाब प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष राजेश बाघा ,किशन देव भंडारी गुरप्रीत विकी राजेश वर्मा पवन सूरी किशन लाल शर्मा अशोक दुग्गल व अन्य गण मान्य लोगों उपस्थित थे

