Punjab news point : हर साल धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मृत्यु के देवता यमराज और कुबेर जी की पूजा करने का विधान है। इस साल धनतेरस का पर्व 29 अक्टूबर यानी के कल है। आपको बता दें कि इस दिन सोना, चांदी, बर्तन आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। साथ ही इसी दिन देवताओं के वैध भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति हुई थी। आइए आपको बताते हैं धनतेरस की तिथि, पूजा विधि और पूजा- मुहूर्त।
धनतेरस की पूजा का मुहूर्त और सामग्री
शाम 06.33 से रात 8.17 बजे तक (एक घंटा 44 मिनट) है। सामग्री : अक्षत, गाय का घी, शक्कर या गुड़, धूप, गंगाजल, दीपक, लकड़ी की चौकी, लाल या पीले रंग का कपड़ा, रूई, पूजा की ताल, पूजा के लिए कलश, मौली, कपूर, अगरबत्ती, पुष्प फूल और माला औरमां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की तस्वीर।
खरीदारी शुभ मुहूर्त
सोना-चांदी व अन्य सामान खरीदने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:34 से अगले दिन सुबह 10: 33 मिनट तक और शाम 6.36 से लेकर रात 8.32 मिनट तक। तीन शुरू मुहूर्त हैं, जिनमें पहला शुभ मुहूर्त- 29 अक्टूबर को सुबह 10.32 मिनट से 30 अक्तूबर 6.31 मिनट तक, दूसरा शुभ मुहूर्त- 29 अक्टूबर शाम 6.32 बजे से रात 8.14 तक और तीसरा खरीदारी का मुहूर्त- 29 अक्टूबर शाम 5.39 बजे से 6.56 तक रहेगा।

