
जालंधर(राजिंदर कुमार): केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का शहर के अलग-अलग हिस्सों में किया जा रहा धरना-प्रदर्शन शाम 4 बजे खत्म हो गया। सुबह 6 बजे सड़कों पर बंद हुई वाहनों की आवाजाही 10 घंटे बाद फिर से खुल गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा भारत बंद की कॉल पर किया गया।
जालंधर में सुबह से ही 7 जगहों पर नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया। रेलवे ट्रैक पर भी किसान प्रदर्शन करते रहे। हाईवे बंद होने से निजी और सरकारी बसें भी नहीं चली। किसान 4 बजे तक प्रदर्शन करने के बाद सड़कों से हट गए। प्रदर्शन के दौरान सिर्फ एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाओं को ही छूट रही। इसके अलावा बाजार में मेडिकल से जुड़ी दुकानें खुली रहीं।
किसान संगठनों की तरफ से सुबह से ही PAP चौक, भूर मंडी, किशनगढ़ चौक, प्रतापपुरा, लोहियां खास, भोगपुर, विधिपुर, करतारपुर में धरने लगाए गए। इससे जालंधर से दिल्ली नेशनल हाईवे के अलावा अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर समेत तमाम रास्ते बंद रहे। हालांकि शाम 4 बजे के बाद सभी रास्ते वाहनों के लिए दोबारा खुल गए हैं।

